रवीन्द्र निवास से गुलमोहर

Wednesday, 31 January 2018

गुस्सा नाक पे : भिवाड़ी डायरी .

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गुस्सा नाक पे :  भिवाड़ी डायरी     अभी दो दिन पहले की बात है मैं और जीवन संगिनी आशियाना आँगन के बाहर से सैर के बाद सब्जी के थैले लेकर परिसर ...
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Monday, 29 January 2018

जो देखो जो लाइव : भिवाड़ी डायरी .

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जो देखो जो लाइव    अब तो भिवाड़ी में आए और रहते हुए महीनों हो गए और  ये जो बात है वो इधर आने के बाद की ही है . क्या बात है आख़िर ऐसी ? ...
Sunday, 28 January 2018

बनस्थली डायरी  : भूली बिसरी यादें .

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बनस्थली डायरी :  भूली बिसरी यादें . आज बिलकुल छोटी छोटी बातें बताऊंगा , शायद इनसे कोई अर्थ निकले . कुछ बातें मेरी जुबान पर रहीं और अभियक्ति ...
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Tuesday, 23 January 2018

इंस्टाग्राम : भिवाड़ी डायरी

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मुझे पता नहीं था इंस्टाग्राम होता क्या है . फिर एक दिन पता लगा कोई माध्यम है जिससे कुछ फ़ोटू वोटू दर्ज करके भेजी जा सकती है अपने लोगों को ...
Monday, 22 January 2018

अपना सा लगे कोई : बनस्थली डायरी .

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बनस्थलीडायरी  : अपना सा लगे कोई . ये  उन दिनों की बात है जब   मैं बनस्थली में काम किया करता था  और  लेखा अनुभाग में वेतन का  चैक लेने जान...
Sunday, 21 January 2018

या कों अखीर काराऊंगो : जयपुर डायरी .

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या कों अखीर कराउंगो .....  ! ये है हिण्डौन , फाजिलाबाद , दुब्बी , बुर्जा  इलाके के किसी एक भोले  किसान का कहा हुआ  वाक्य, जो उसने अपने बेट...
Friday, 19 January 2018

मैं हाथां पोट उचा आयो .. : बोध कथा .

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" मैं हाथां पोट उचा आयो .."   ---- राजस्थानी बोध कथा . आज ये बोध कथा याद आ गई जो यहां साझा कर रहा हूं . कभी काकाजी **  से सुनी...
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